जसोल परिवार में दरार: मानवेंद्र सिंह और नीरजा चारण के रिश्ते पर छिड़ा महासंग्राम; मां और बेटे ने मोर्चा खोला
Major Showdown Erupts Over the Relationship
-
मानवेंद्र सिंह जसोल-नीरजा चारण रिश्ते पर गहरा विवाद
-
मां शीतल कंवर और बेटे हमीर सिंह ने जताया कड़ा विरोध
-
सोशल मीडिया तस्वीरों से अटकलें तेज, जातिगत परंपराओं पर बहस
नई दिल्ली। Major Showdown Erupts Over the Relationship, राजस्थान में इन दिनों पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय जसवंत सिंह के बेटे पूर्व सांसद मानवेंद्र सिंह जसोल की निजी जिंदगी को लेकर तीखी बहस छिड़ी हुई है। 60 वर्षीय मानवेंद्र सिंह का नाम 37 वर्षीय नीरजा सिंह चारण से जुड़ने के बाद परिवार में गहरा मतभेद पैदा हो गया है।
यह मामला अब सोशल मीडिया, राजनीतिक गलियारों और सामाजिक मंचों पर गरमागरम चर्चा का विषय बन चुका है, जहां परंपराएं, परिवार की इज्जत और व्यक्तिगत आजादी के बीच टकराव साफ दिखाई दे रहा है।
कौन हैं नीरजा सिंह चारण?
नीरजा सिंह चारण पाली जिले के खीनामड़ी गांव की रहने वाली हैं और जोधपुर में एक लग्जरी कार कंपनी के शोरूम में जनरल मैनेजर के पद पर काम करती थीं। बताया जाता है कि दोनों की पहली मुलाकात कार सर्विसिंग के सिलसिले में हुई थी, जो धीरे-धीरे दोस्ती में बदल गई।
कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, मानवेंद्र सिंह की पत्नी चित्रा सिंह के निधन के बाद के कठिन समय में नीरजा ने उनका भावनात्मक सहारा दिया, जिससे रिश्ता और गहरा हो गया।
सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों पर अटकलें तेज
हालांकि, इस रिश्ते की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सोशल मीडिया पर आई कुछ तस्वीरों ने आग में घी का काम किया है। जोधपुर के एक होटल में हुई पार्टी की फोटोज में दोनों एक-दूसरे को माला पहनाते नजर आए हैं, साथ ही केक पर हैप्पी बर्थडे नीरजा लिखा दिख रहा है।
एक दोस्त की इंस्टाग्राम स्टोरी में हैप्पी 3 मंथ गाइस जैसे कैप्शन ने शादी या रिलेशनशिप की अफवाहों को और हवा दी है।
मां ने की कड़ा विरोध
विवाद का सबसे भावुक पहलू 90 वर्षीय मां शीतल कंवर का रुख है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में वे घर के दरवाजे पर खड़ी दिख रही हैं और पुलिस के साथ आए बेटे मानवेंद्र सिंह को अंदर घुसने से रोक रही हैं।
परिवार की परंपराओं की रक्षक मानी जाने वाली शीतल कंवर ने स्पष्ट कहा है कि वे इस रिश्ते को कभी स्वीकार नहीं करेंगी। यह दृश्य परिवार में गहरे दरार को उजागर करता है।
मानवेंद्र सिंह के बेटे हमीर सिंह की ओर से जारी एक नोटिस में पिता को बाहरी महिला के साथ किसी भी संबंध को मान्यता न देने की बात कही गई है। इस नोटिस में मां, भाई और बेटी की असहमति भी दर्ज है। परिवार का कहना है कि यह फैसला जसोल खानदान की परंपराओं और सम्मान के खिलाफ है।
सामाजिक और जातिगत परंपराओं का मुद्दा
यह विवाद सिर्फ पारिवारिक नहीं रहा, बल्कि राजपूत और चारण समुदाय की पारंपरिक रिश्तेदारी पर भी सवाल उठा रहा है। राजपूत समाज में चारण समुदाय की महिलाओं को बहन-बेटी का दर्जा दिया जाता है, इसलिए इस रिश्ते को कई लोग परंपराओं का उल्लंघन मान रहे हैं।
चारण समाज के कुछ नेताओं ने भी कड़ी आपत्ति जताई है और सामाजिक बहिष्कार की बात तक कही है। वहीं, कुछ लोग इसे व्यक्तिगत मामला बताते हुए मानवेंद्र सिंह के फैसले का समर्थन कर रहे हैं।
मानवेंद्र सिंह अभी भी सार्वजनिक कार्यक्रमों में सक्रिय दिख रहे हैं, लेकिन इस पूरे विवाद पर उन्होंने कोई खुली टिप्पणी नहीं की है। कुछ रिपोर्ट्स में उन्होंने शादी की अफवाहों को खारिज किया है, लेकिन परिवार और समाज की नाराजगी बरकरार है।